अपनी आदत से जिंदगी बदलती है
हम दिन में कई तरह के काम करते हैं जब जैसा जरूरत तब वैसा काम करते हैं। जब निजी जिंदगी में जरूरत की बात आती है तब अच्छा ही काम करते हैं जैसे मुझे खेत में काम करना है, हल जोतना है यह कोई आदत नहीं है फिर भी करना पड़ता है क्योंकि यह हमारी निजी जिंदगी में एक बहुत जरूरी है। घर में बैठकर मोबाइल या लैपटॉप में फिल्म देख रहे हैं यह काम जरूरी नहीं है लेकिन मन में यह आदत हो चुकी है अब हम फिल्म के बहाने कुछ भी देख सकते हैं गलत चीज भी देख सकते हैं क्योंकि यह आदत हो चुकी है। हम अपना निजी जिंदगी के जरूरी काम को छोड़कर उस काम को करते हैं जो बिल्कुल जरूरी नहीं है ये हमारी आदत का प्रभाव है। कोई भी काम अगर हम दूसरों से छुपकर कर रहे हैं वह गलत ही है अच्छा काम हम छुप कर क्यों करें